06 July, 2017

मन और लेखनी | नई सोच


लिखने का मन है,...
लिखती नहीं लेखनी,
लिखना मन चाहता,
कोई जीवनी कहानी।
शब्द आते नहीं, मन
बोझिल है दुःखी लेखनी।
लिखने का मन है...
लिखती नहीं लेखनी।
मन मझधार में है...
लेखनी पार जाना चाहती,
मन में अपार गम हैं....
लेखनी सब भुलाना चाहती।

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