16 June, 2017

आतंकवाद की जड़ों को उखाड़ फैंको | ऊंचाईयां


आखिर कब तक कितनी माताएं, कितने लाल जन्मती रहेंगी 
और देश को समर्पित करती रहेंगी।

वाह! कितनी महान हैं ये माताएं, पूजनीय हैं, वंदनीय है।
"आखिर कब तक कितनी माताओं के लाल शहीद होते रहेंगें।
सरहद पर तैनात सैनिक, हम सब की रक्षा की खातिर
क्या बस शहीद होने के लिये हैं, माना कि ये उनका कर्म है
धर्म है।

हाय! बड़ा दर्दनीय है ये, निन्दनीय है ये
वो भी किसी माँ के लाडले हैं, किसी के भाई,
मित्र और पति, क्या उनकी जान की कीमत बस
शहीद होना ही है।

"बस करो आतंकवाद के आगे यूँ हर पल मरना
वो चार मारे हमारे सैनिक उस पर फिर चार मारे छः मारे।
इस तरह आतंकवाद खत्म होने वाला नहीं
आंतकवादी को जड़ से उखाड़ फैंकना है।

<<< पूरी रचना पढ़ने के लिए 'ऊंचाईयां' ब्लॉग पर जाएं >>>



श्रीमती रितु आसूजा जी सन 2013 से ब्लॉग लिख रहीं है और तब से लेकर अब तक प्रेरक और समाजिक लेखन के जरिए ब्लॉग जगत में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। उनसे ई-मेल ritu.asooja1@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। रितु जी काे फेसबुक पर फालों करने के लिए यहां क्लिक करें।


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