01 April, 2017

Lalit Sharma - Best Blogger of the Month for March 2017


इस माह हम आपको ब्लॉगर ऑफ द मंथ कॉलम में आपको ललित शर्मा जी से परिचित करा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के अभनपुर निवासी ललित शर्मा जी 2009 से ललित डॉट कॉम का संचालन कर रहे है और अब तक उन्होने 919 लेख व रचनाएं लिखी है। ललित जी 30 वर्षों से काव्य, कहानी, व्यंग्य, रिपोर्ताज, साहित्य, संस्कृति, पुरातत्व, यात्रा वृतांत आदि विषयों पर लेखन कर रहे है। इसके साथ ही ललित जी एक पत्रकार भी है और न्यूज एक्सप्रेस के नाम से एक न्यूज पोर्टल के प्रबंध संपादक भी है। उनका कहना है कि मुझे घुमक्कडी और पढ़ने का बहुत शौक है जिसकी बदौलत वे निरंतर लेखन की ओर बढ़ते गये।
15 सितंबर 2009 को ब्लॉगिग की दुनिया में शुरूवात करने वाले ललित जी का जन्म 21 मार्च को हुआ है। उन्होने अपनी पहली पोस्ट 'हिन्दी भाषा हमारा गौरव' शीर्षक से लिखी थी। यहां पर उन्होने ब्लॉग दुनिया को मायावी जाल बताते हुए बड़े ही सुन्दर शब्दों में अपनी पहली पारी की शुरूवात की है। जो वास्तव में बेहतरीन व पठनीय है और पढ़ने वालो के लिए रोचक।

ललित शर्मा जी का पहला ब्लॉग पोस्ट पढ़े।

ललित जी का लेखन शानदार और उच्चकोटि का है, क्योंकि उनके सभी आलेख यात्रा वृतांत जानकारीवर्द्धक और रोचक है। उनकी कलम का जादू कहें या उनके अनुभव का असर उनकी लेखनी पर साफ दिखाई देता है एक बार पढ़ना शुरू करें तो आप पूरा ही पढ़ डालेंगे।
उनके ब्लॉग का अवलोकन करते हुए हमें महसूस हुआ ललित शर्मा जी अपनी पोस्ट में घूमे हुए स्थान की मीमांसा करते हैं तथा यह ब्लॉग नये घुम्मकड़ के लिए बेहतरीन जगह है। यदि आप कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो भी उनके ब्लॉग को जरूर पढ़े, क्योंकि ललित जी ने अपने यात्रा वृतांत को शब्दों के सुन्दर संयोजन मे पिरोया है कि कोई भी उनके अनुभवों से लाभान्वित हो सकता है।
वहीं, साहित्य के क्षेत्र में भी ललित शर्मा जी ने कोई कसर नहीं छोड़ी है, उन्होने साहित्य की कई बेहतरीन रचनाओं को सृजित किया है। इसके अलावा सम सामयिक मुद्दो पर भी व्यंग्य करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है।
आप उनका एक व्यंग्य पढ़ सकते हैं 26 फ़रवरी 2011 को प्रकाशित हुई है -

इनकम टैक्स छापा और वेवफ़ा मुर्गी।

ललित जी के अब तक टूटते सितारों की उड़ान, अरुणिमा आदि साझा काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके है और उन्होने पुस्तक 'ब्लोगिंग का इतिहास' में सहयोगी लेखक की भूमिका भी निभाई है। इन्होंने विश्व प्रसिद्ध पुरातात्विक नगरी सिरपुर पर "सिरपुर सैलानी की नजर से" पुस्तक 2013 में लिखी, इसके बाद छत्तीसगढ़ स्थित सरगुजा के रामगढ़ का पुरातन एवं सांस्कृतिक महत्व अपनी पुस्तक " सरगुजा का रामगढ़" में उजागर किया तथा 2015 में व्यंग्य संग्ररह"चमचा साधै सब सधै" आया। इसके अलावा उन्होने रेडियो पर कहानी एवं कविताओं का प्रसारण भी किया है।
उनके आलेख व साक्षात्कार अमृत संदेश, अमर उजाला, दैनिक पत्रिका, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर, नवभारत, देशबंधु, नई दुनिया, जनवाणी, गजरौला टाईम्स, हाईवे चैनल, दैनिक छत्तीसगढ, क्रांतिरथ, सद्भावना दर्पण, बुलंद छत्तीसगढ, भारत वाणी, जन मन, पंचायत की हलचल, निडर आँखे, इतवारी अखबार, भारत वाणी, हरिभूमि, मिसाल (फ़िल्मी पत्रिका) छत्तीसगढ़ का आईना, बिहिनिया संझा, दृष्टिपात, स्वर्ण आभा, मितान भूमि, भास्कर भूमि, सर्जक इत्यादि पत्र-पत्रिकाओं एवं ललित डॉट कॉम, ब्लॉग4वार्ता, शिल्पकार के मुख से, एक सैलानी की कलम से, चलती का नाम गाड़ी, इत्यादि अनेक ब्लॉगस पर निरंतर प्रकाशित होते रहते है।
इसके अलावा Etv म.प्र. के प्रति रविवार प्रदर्शित होने वाले धारावाहिक "हमारे धरोहर" में छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों की जानकारी देते हैं।
ललित शर्मा जी ने अपने फेसबुक पर अपने बारे में कम शब्दों में बहुत कुछ बयां कर दिया है। 
परिचय क्या दूं मै तो अपना नेह भरी जल की बदरी हूँ
किसी पथिक की प्यास बुझाने कुंए पर बंधी हुई गगरी हूँ
मीत बनाने जग में आया मानवता का सजग प्रहरी हूँ
हर द्वार खुला जिसके घर का सबका सवागत करती नगरी हूँ।

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